Badminton rules and regulations in Hindi | बैटमिंटन के नियम और कानून

Badminton rules and regulations in Hindi |बैडमिंटन की इतिहास,बैडमिंटन कोर्ट,बैटमिंटन के नियम और कानून 





हैलो दोस्तो , आज हम इस आर्टिक्ल में आप सभी को बैटमिंटन के नियम और कानून (Badminton rules and regulations in Hindi ) के बारे में पूरी जानकारी यह आपको मिलेगी । जिसमे आपको बैडमिंटन की इतिहास , बैडमिंटन खेल के नियम के बारे में आपको जानने को मिलने वाला है । तो आइए चलिए जानते है । 


बैटमिंटन के नियम और कानून( Badminton rules and regulations) 

 आप जब भी बैडमिंटन का नाम सुनते है तो आपके मन में एक तस्वीरे बनती है जिसमे 2 लोग  के बीच  एक नेट लगा हुआ । दोनो लोग अपने हाथ मे रैकेट पकड़े हुए और एक चिड़िया के पंखों से बनी हुई शटलकॉक ( जिसे स्थानीय भाषा मे चिड़िया कहा जाता है ) एक दूसरे के तरफ मार रहे है ।

लेकिन सवाल  ये उठता है इस खेल की शुरुआत  हुई  किस देश से और इतना फेमस कैसे हुआ तो चलिये जानते है ।


 बैडमिंटन की इतिहास(history of badminton)

ऐसा माना जाता है ये खेल 18 वी सदी में भारत राज कर रहे है ब्रिटिश सैनिक आपस में   खेला करते थे । ब्रिटिश सैनिक ये खेल पहले शटलकॉक की जगह बॉल से खेला करते थे । ये खेल पूना में ज़्यादा लोकप्रिय हुआ जिस कारण से इसे पुनाई के नाम से जाना जाने लगा।

 लेकिन इस खेल को असली पहचान सन 1875 में मिली जब भारत से  सैनिक रिटायर्ड  होकर इंग्लैंड वापस गये  तब उन्होंने  एक बैडमिंटन क्लब  बनाया जहाँ  सब पूना शहर में खेले जाने  बैडमिंटन के नियम के अनुसार ही खेल रहे थे। 

लेकिन 1887 में इस खेल के नियम में परिवर्तन किया गया। बैडमिंटन क्लब के जेएचई हार्ट ने नियम बनाना की पहल की जिसके बाद  1893 में द बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंग्लैंड ने बैडमिंटन नियमो को जारी किया जो आज तक चल रहे है , हालांकि बीच – बीच मे   नियमो में परिवर्तन होते रहते है पर ये एक नई  शुरुआत थी । 

1899 में ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप शुरू हुआ जो कि सबसे पुराना टूर्नामेंट है जो आज भी होता है।


बैडमिंटन खेल के नियम(rules of badminton)

 आज के समय मे  अगर बैडमिंटन खेल के बारे पूछेंगे तो आपको कई खिलाड़ियों के नाम जैसे 

साइना नेहवाल , पीवी सिंधू ,ज्वाला गुट्टा ,श्रीकांत किदांबी  ऐसे बहुत से नाम है जिन्होंने इस खेल में भारत का नाम रोशन किया है ,अगर आप  बैडमिंटन में अपना नाम कमाना चाहते है  तो आपको इस खेल के नियम अच्छे से मालूम होने चाहिए जो की ये है- 


1) बैडमिंटन कोर्ट(badminton court)– 

इस खेल के मैदान को बैडमिंटन कोर्ट कहते है जो की  44 फीट लंबा  और  17  फ़ीट  की चौड़ाई होती है सिंगल्स के लिये  होती है और डबल्स के  लिये 20 फीट चौड़ा होता है।

कोर्ट को दो भागों में (22  फीट- 22 फीट) बांट दिया जाता है  ।


2) खेल के नियम(rules of the game) – 

इस खेल को खेलने के  नियम बनाये गये है जो कुछ इस प्रकार है-

खेल शुरू होने से पहले टॉस होता है जिसे जितने वाला ये निर्धारित करता हैं कि  सर्विस कौन करेगा  औऱ कौनसा खिलाड़ी किस तरफ रहेगा ।

ये खेल तीन सेट का होता है  , हर सेट 21 पॉइंट का   होता है ।

लेकिन अगर दोनों  खिलाड़ियों का स्कोर 20-20 है तब खेल डबल पॉइंट टक चलता  है मतलब अगर दोनों में से कोई एक लगातार दो बात पॉइंट पा लेता है तो वो सेट जीत जायेगा  ।

लेकिन अगर फिर भी दोनो का स्कोर बराबर चल रहा है तो खेल 29 पॉइंट तक चलेगा , जिसका 29 वा पॉइंट पहला होगा वो सेट जीत जायेगा।

हर सेट  के बाद खिलाड़ी अपना स्थान   बदलते है ।


3) फ़ाउल के नियम( rules of foul)–

अगर सर्विस करने वाला खिलाड़ी  शार्ट सर्विस लाइन में गिर  जाती है तो फ़ाउल होता है ।

अगर सर्विस करने वाले खिलाड़ी के हाथ से शटलकॉक गिर जाये तो फ़ाउल माना जाता है ।

अगर खिलाड़ी के द्वारा दो बार शटलकॉक को  मारे तो फ़ाउल माना जाता है।

शटल कॉक की सर्विस करते समय शटलकॉक की ऊँचाई कमर के निचे होनी चाहिए।

सर्विस करते समय सर्वर करने वाले खिलाड़ी के पैर खिलाड़ी के कोर्ट साइड के आधे हिस्से के अंदर नही होना चाहिये ।

सर्विस करते समय  रैकेट पैर या कपडो को नहीं छूना चाहिये ।


4) अन्य नियम -  

 अगर दूसरा खिलाड़ी तैयार नही है तो सर्विस करने की परमिशन नही होती है 

खेल के समय खिलाड़ी द्वारा सिटी का उपयोगी वर्जित होता है।



तो आशा करते है की अब आपको बैटमिंटन के नियम और कानून ( Badminton rules and regulations in Hindi ) के बारे में यह जानकारी आपको पसंद आई होगी । 

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धन्यवाद ।


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