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नारी के प्रकार |शास्त्र के अनुसार स्त्रियों के प्रकार

नारी के प्रकार समुद्र शास्त्र के अनुसार स्त्रियों के प्रकार और ज्योतिष शास्त्र और पुराणों में स्त्रियों के कई प्रकार के बारे में लिखा गया है, कि स्त्री कितने प्रकार की होती है ! उनके क्या लक्षण होते हैं उनका स्वभाव कैसा होता है ! ज्योतिष शास्त्र के अनुसार स्त्रियों को मुख्यतः निम्न पांच वर्गों में बांटा गया है !

नारी के प्रकार 

नारी के प्रकार |नारी कितने प्रकर के होती है|समुद्र शास्त्र के अनुसार स्त्रियों के प्रकार

1.शंखिनी 

  • शंखिनी स्वभाव की स्त्रियां स्त्रियों से थोड़ी लंबी होती है, इनमें से कुछ मोटी और कुछ दुर्बल होती है !
  • उनकी नाक मोटी, आंखें अस्तित्व और आवाज कम भी होती है !
  • यह हमेशा प्रसन्न दिखाई देती है और बिना कारण आक्रोश किया करती है, यह पति से रूठी रहती है !
  • शंखिनी स्त्री को पति की बात मानना गुलामी की तरह लगता है, इनका मन सदैव भोग विलास में डूबा रहता है !
  •  इनमें दया भाव भी नहीं होता, इसलिए यह परिवार में रहते हुए भी उनसे अलग ही रहती है !
  • ऐसी स्त्रियां संसार में अधिक होती है और ऐसी लड़कियां चुगली करने वाली यानी इधर की बात उधर करने वालों में से होती है !
  •  यह अधिक बोलती है, इसलिए लोग इनके सामने कम ही बोलते हैं ! इनकी आयु लंबी होती है  !
  • पिता का कुल और पति का कुल दोनों कुल इनके सामने नष्ट हो जाते हैं और अंत समय में यह बहुत दुख होती है ! ​यह उस समय मरने के बराबर इच्छा रखती है लेकिन मृत्यु नहीं होती ! 

2.चित्रिणी 

  • चित्रिणी स्त्रियां पवित्रता तथा स्वजनों पर स्नेह करने वाली होती है  यह हर कार्य बड़ी शीघ्रता से करती है !
  • इनमें भोग की इच्छा कम होती है और श्रंगार आदि में इनका मन अधिक लगता है !
  • इन से अधिक मेहनत वाला काम नहीं होता परंतु यह बुद्धिमान और विदुषी होती है !
  • गाना बजाना और चित्रकला इन्हें विशेष प्रिय होता है !
  • यह तीर्थ,ब्रत और साधु संतों की सेवा करनेवाली होती है !
  • चित्रिणी स्त्रियां दिखने में बहुत ही सुंदर होती है और इनका मस्तक गोलाकार, अंग कोमल और आँखें चंचल होती है !
  • इनका स्वर कोयल के समान होता है और बाल काले होते हैं !इस जाति की लड़कियां बहुत ही कम होती है यदि 
  • यदि इनका जन्म गरीब परिवार में हो तो इनके भविष्य में पटरानी के समान सुख भोगती है !
  • चित्रिण स्त्रियां अधिक संतान होने पर भी लगभग इनकी तीन संताने जीवित रह सकती है ! उनमें से एक का राजयोग होता है !
  •  इस जाति की लड़कियां की आयु लगभग 48 वर्ष की होती है! 

3.हस्तीनी

  • हस्तिनी लड़कियों का स्वभाव बदलता रहता है और इनमें भोग विलास की इच्छा अधिक होती है !
  • यह हंसमुख स्वभाव की होती है और भोजन अधिक करती है !
  • उनका शरीर थोड़ा मोटा होता है और यह प्राय आलसी प्रकृति की होती है !
  • इनके गाल, नाक, कान, और वह मस्तक का रंग गोरा होता है और इन्हें क्रोध अधिक आता है !
  • कभी-कभी इनका स्वाभाव बहुत क्रूर हो जाता है और इनके पैरों की उंगलियां टेडी मेडी होती है !
  • इनकी संतानों में लड़कियां अधिक होते हैं और यह बिना रोग के ही रोगी बनी रहती है !
  •  इनका पति अक्सर सुंदर और गुणवान होता है!
  • अपने झगड़ालू स्वभाव के कारण हस्तिनी स्त्रियां परिवार को क्लेश पहुंचाती है !
  •  इनके पति इनसे दुखी होते हैं और यह स्त्रियां धार्मिक कार्यों के प्रति अधिक आस्था नहीं रखती है !
  •  इन्हें स्वादिष्ट भोजन पसंद होता है !
  • उनकी परमायु 73 वर्ष की होती है और  विवाह के 4, 8, 12 अथवा 16 वर्ष में उनके पति का भाग्य उदय होता है !
  •  इनके दुष्ट स्वभाव के कारण ही परिवार में इनकी कोई पूछ परख नहीं होती !

4.पुंश्चली 

  • पुंश्चली स्वभाव की लड़कियों के मस्तक का चमकीला बिंदु भी मलिन दिखाई देता है !इस स्वाभाव वाली महिलाएं अपने परिवार के लिए दुख का कारण बनती है !
  •  इनमें लज्जा नहीं होती और यह अपने हाव-भाव से कटाक्ष करने वाली होती है !
  •  इनके हाथ में नव-रेखाएं होती है जो सिद्ध स्वस्तिक आदि उत्तम रेखाओं से रहित होती है !
  •  इनका मन अपने पति की अपेक्षा पर पुरुषों में अधिक लगता है और इसलिए कोई इनका मान सम्मान नहीं करता है !सभी इन की अपेक्षा करते हैं
  •  पुंश्चली स्त्रियों में युवा अवस्था के लक्षण 12 वर्ष की आयु में ही दिखाई देने लग जाते हैं और इनकी आंखें बड़ी और हाथ पैर छोटे होते हैं !
  • इनकी स्वर तीखा होता है और यदि किसी से सामान्य रूप से बात भी करती है तो ऐसा लगता है जैसे विवाद कर रही है !
  •  इनकी भाग्य रेखा और पुण्य रेखा छिन्न-भिन्न रहती है !इनके हाथ में दो शंख रेखाएं और नाक पर तिल होता है !

5.पदमिनी 

  •  सबसे उत्तम स्वभाव की स्त्रियां में पद्मिनी सबसे आगे रहती है ! समुद्र शास्त्र के अनुसार पद्मिनी स्त्रियां सुशील, धर्म में विश्वास कर रखने वाली तथा माता पिता की सेवा करने वाली वह अति सुंदर होती है !
  •  पद्मिनी स्त्रियां के शरीर से कमल के समान सुगंध आती है और यह लंबे कद व कोमल बालों वाली होती है !
  •  इनकी वचन मधुर होती है और पहली नजर में यह सभी को आकर्षित कर लेती है !
  •  इनकी आंखें सामान्य से थोड़ी बड़ी होती है और यह अपने पति के प्रति समर्पित रहती है! 
  • इनकी नाक, कान ,और हाथ की उंगलियां छोटी होती है !इनकी गर्दन शंख के समान होती है ! इनके मुख पर सदा प्रसंता दिखाई देती है!
  • पद्मिनी स्त्रियां प्रत्येक बड़े पुरुष को अपने पिता के समान, अपनी उम्र के पुरुषों को अपने भाई के समान,और छोटे को अपने पुत्र के समान समझती है !
  •  यह देवता, गंधर्व, मनुष्य सबका मन मोह लेने में सक्षम होती है,
  •  पर यह सौभाग्यवती, अल्प संतान वाली, पबित्रताओं में श्रेष्ठ, योग्य संतान उत्पन्न करने वाली, तथा आश्रितों का पालन करने वाली होती है !
  •  इन्हें लाल वस्त्र अधिक प्रिय होते हैं तथा इस जाति की लड़कियां बहुत ही कम होती है !  जिनसे इनका का विवाह होता है वह पुरुष बहुत भाग्यशाली होता है!

निष्कर्ष 

दोस्तों मुख्यतः यह थे 5 वर्ग की स्त्रियां जो उनका स्वभाव और लक्षण के बारे में बताते हैं ! लेकिन मैं अंत में बस इतना ही कहना चाहूंगा, की  हमको हर स्त्री की इज्जत और सम्मान करना चाहिए ! क्योंकि इस जीवन की नीव भी एक स्त्री ही  है ! स्त्रियों के बारे में हम शब्दों से बयां नहीं कर सकते ! नारी का दिल समुंदर जैसा विशाल होता है ! नारी का महानता ,त्याग और संघर्ष के आगे दुनिआ  झुकती रहती है ! धन्यवाद् 

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