Type Here to Get Search Results !

Bottom Ad

भारतीय फ़ोन नंबरों में 10 अंक क्यों होते हैं | Why do Indian mobile numbers have 10 digits?

आजकल हर काम में दो चीज़ों की सबसे ज्यादा  ज़रूरत पड़ती है , पहला अपना नाम और दूसरा  फ़ोन नंबर ! ब्यक्ति के हर काम में डायरेक्टली या इनडाइरेक्टली फ़ोन नंबर की ज़रूरत पड़ती ही है ! चाहे वो नेट बैंकिंग हो ,सोशल मीडिया हो या फिर कोई भी ऑनलाइन काम हो फ़ोन नंबर पहले ज़रूरत पड़ती है !

ब्यक्तिगत फ़ोन नंबर की  कैसे शुरुवात हुई 

जब फ़ोन नए नए ए थे, तो उसका प्रोसेस कुछ अलग था ! लोग पहले ऑपरेटर को कॉल करते थे,  फिर उस ऑपरेटर को कहना पड़ता था की  मुझे xyz आदमी से बात करना है ,फिर ऑपरेटर उस xyz आदमी को कॉल कनेक्ट करके देता था, तब जाके किसी से बात होती थी ! इसी सिस्टम पर एक आदमी ने सवाल उठाया ! वो आदमी था Alexander Graham Bell का दोस्त Dr Mausis Parker थे ! उन्होंने ही पहले हर किसी का ब्यक्तिगत फ़ोन नंबर के वारे में सोचा ! तब से आजतक हम नंबर को इस्तेमाल करते आरहे है !

भारतीय फ़ोन नंबरों में 10 अंक क्यों होते हैं |Why do Indian mobile numbers have 10 digits?
भारतीय फ़ोन नंबरों में 10 अंक क्यों होते हैं?

मोबाइल नंबर 10 डिजिट ही क्यों होती है

आज से अगर हम कुछ साल पीछे जाएं तो हम देखेंगे कि जो टेलीफोन होते थे उनमें 8 डिजिट फोन नंबर का इस्तेमाल होता था ! जो उस वक्त के लिए काफी था ! क्योंकि ज्यादातर लोगों के पास फोन नहीं हुआ करता था ! 8 डिजिट का मतलब होता है, जीरो से लेकर 9 तक कोई भी एक नंबर का इस्तेमाल, जैसे 7  वैसे ही 2 डिजिट का मतलब होता है जीरो से 9 तक का कोई भी दो नंबर 2,3,या 6,1 या फिर 9,7 कोई भी दो नंबर ! 

आपको याद होगा कि हम पहले पीसीओ पब्लिक कॉल ऑफिस में जाकर बात किया करते थे ! Trai के मुताबिक भारत में 2006 में लगभग 42 लाख pco थे ! लेकिन जैसे-जैसे लोगों की जनसंख्या बढ़ि टेक्नोलॉजी भी बढ़ती गयी ! और फोन इस्तेमाल करने वाले लोग भी बड़े ! सन 2000 में जहां भारत की जनसंख्या लगभग 105 करोड थी, वह आज लगभग 140 करोड हो चुकी है ! पहले जहां 100 में से 1 लोगो पास फ़ोन हुआ करता था वही आज की बात करे तो हर 100 लोगो में से 60 से 70 लोगो के पास फ़ोन मिल ही जायेगा, वह भी 2 सिम वाला फोन ! 

तो पहले की बात करें तो कम सिम नंबर होने के कारण 8 डिजिट फोन नंबर भी काफी था ! लेकिन आज की बात करें तो नौ डिजिट फोन नंबर भी काफी नहीं होता है ! कुछ साल वाद 10 डिजिट फोन नंबर भी कम पड़ जाएगा ! 

इसे हम इस तरीके से समझ सकते है ! गणित में 10 नंबर ही होते हैं ! 0 से लेके 9 तक ! जिससे ये सारे नंबर बनते हैं !  हर जगह आप को जीरो से लेकर 9 तक के ही नंबर मिलेंगे ! अगर हम 8 डिजिट फोन नंबर की बात करें, जीरो से लेके 9 तक की नंबर को 8 बार लेना होगा, वह कोई भी नंबर हो सकता है ! जीरो से लेकर 9 तक यानी कि इस 8 डिजिट नंबर से ज्यादा से ज्यादा 10 करोड़ सिम के लिए ही फोन नंबर बनाए जा सकते हैं! जो कि पहले के लिए ठीक था !क्योंकि कम फोन थे !इस्तेमाल करने वाले भी कम थे !

इसे भी पढ़ें:एंड्रॉइड स्मार्ट फोन पर  hindi voice टाइपिंग कैसे करें 

ऐसे ही 9 डिजिट फोन नंबर की बात करें, तो हमें जीरो से लेकर 9 तक के नंबर को हमें 9 बार लेना होगा ! तो इससे ज्यादा से ज्यादा 100 करोड़ सिम के ही नंबर बनाए जा सकते हैं! 

लेकिन जैसा कि मैंने आपको बताया आज भारत की जनसंख्या लगभग 140 करोड़ है !  TRAI [टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया] के मुताबिक 31 दिसंबर 2020 तक 115 करोड से भी ज्यादा फोन नंबर चालू किए जा चुके हैं! और ज्यादातर लोगों के पास 2 सिम वाले फोन नंबर है !  

जरूरी नहीं कि जो 115 करोड़ लोगों ने सिम नंबर चालू करवाया है वह सभी के सभी चालू है ! हो सकता है उनमें से कई करोड़ बंद हो ! यही कारण है कि हमें 10 डिजिट फोन की ज़रूरत पड़ी ! ताकि सभी लोगों को फोन नंबर दिया जा सके ! जो कि 9 डिजिट फोन नंबर से काफी नहीं था ! क्योंकि 10 डिजिट फोन नंबर से  हजार करोड़ लोगों को फोन नंबर दिया जा सकता है ! जो की आने वाले कई सालों तक पर्याप्त है !

जब हजार करोड़  सिम चालू किए जा चुके होंगे, तब जाकर हमें 11 डिजिट फोन नंबर की जरूरत पड़ेगी ! तब तक हमें 11 डिजिट फोन नंबर की जरूरत नहीं है ! तब तक हमारे लिए 10 डिजिट फोन नंबर ही पर्याप्त है  !

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

top below ad